Ganna Ka Bhav 2026-27 उत्तर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के लिए गन्ने के नए रेट को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। 2026-27 के पेराई सत्र में गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। किसान संगठन लगातार गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि खेती की बढ़ती लागत से किसानों को राहत मिल सके।
कई जगह गन्ने का SAP ₹15 बढ़ाकर ₹430 प्रति क्विंटल किए जाने की चर्चा हो रही है। हालांकि, 3 नवंबर 2026 तक सरकार की ओर से इस नए रेट की अंतिम आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई थी। आइए जानते हैं गन्ने के पुराने रेट, नए प्रस्ताव और किसानों को मिलने वाले संभावित फायदे की पूरी जानकारी।
Ganna Ka Bhav 2026-27: गन्ने के नए रेट को लेकर क्या है अपडेट?
उत्तर प्रदेश में गन्ने की कीमत तय करने के लिए राज्य सरकार SAP यानी State Advised Price निर्धारित करती है। 2026-27 पेराई सत्र के लिए किसान संगठन गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
किसानों की मांग है कि खाद, बीज, डीजल, सिंचाई और मजदूरी की बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ने का उचित मूल्य दिया जाए। दूसरी ओर चीनी मिल मालिकों ने मौजूदा रेट बनाए रखने की मांग की है।
पिछले पेराई सत्र में कितना था गन्ने का भाव?
उत्तर प्रदेश में 2025-26 पेराई सत्र के लिए गन्ने की कीमत में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई थी।
पिछले घोषित SAP के अनुसार:
- अगेती किस्म का गन्ना: ₹400 प्रति क्विंटल
- सामान्य किस्म का गन्ना: ₹390 प्रति क्विंटल
- अनुपयुक्त किस्म का गन्ना: ₹355 प्रति क्विंटल
क्या गन्ने का भाव ₹430 प्रति क्विंटल हो गया है?
गन्ने का भाव ₹430 प्रति क्विंटल होने की खबर को फिलहाल अंतिम सरकारी निर्णय नहीं मानना चाहिए। सरकार की ओर से SAP में बदलाव की प्रक्रिया और किसानों तथा चीनी मिलों के साथ बातचीत जारी होने की खबरें सामने आई थीं।
यदि अगेती किस्म के गन्ने का भाव ₹400 से बढ़कर ₹430 होता है, तो किसानों को ₹30 प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं ₹415 से ₹430 होने पर बढ़ोतरी ₹15 होगी।
किसान संगठन क्यों कर रहे हैं गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग?
गन्ने की खेती में किसानों को कई तरह के खर्च उठाने पड़ते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- खेत की जुताई और तैयारी का खर्च
- गन्ने के बीज और खाद की कीमत
- सिंचाई और डीजल का खर्च
- मजदूरों की मजदूरी
- गन्ने की कटाई और ढुलाई का खर्च
इन्हीं खर्चों को देखते हुए किसान संगठन गन्ने का SAP बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
गन्ने का FRP और SAP क्या होता है?
FRP यानी Fair and Remunerative Price केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है। वहीं SAP यानी State Advised Price राज्य सरकार द्वारा तय किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित SAP के अनुसार किसानों को भुगतान करना होता है। 2026-27 सीजन के लिए केंद्र सरकार ने 10.25 प्रतिशत रिकवरी दर पर गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
गन्ने का नया रेट कब होगा लागू?
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 2026-27 सीजन के SAP की अंतिम घोषणा होने के बाद ही नए रेट की पुष्टि होगी। किसानों को किसी भी वायरल खबर पर भरोसा करने से पहले गन्ना विकास विभाग की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।
गन्ना किसानों के लिए जरूरी सलाह
किसान भाई अपने गन्ने का सर्वे, सट्टा, पर्ची कैलेंडर और भुगतान की जानकारी उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर देख सकते हैं।
आधिकारिक वेबसाइट: https://enquiry.caneup.in/
उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए 2026-27 पेराई सत्र में गन्ने के रेट में बढ़ोतरी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। ₹430 प्रति क्विंटल के भाव की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन अंतिम सरकारी घोषणा होने तक इसे पक्का रेट नहीं माना जाना चाहिए। किसानों को सरकार के आधिकारिक आदेश का इंतजार करना चाहिए।
Q1. 2026-27 में उत्तर प्रदेश में गन्ने का नया रेट कितना है?
उत्तर प्रदेश में ₹430 प्रति क्विंटल का भाव चर्चा में है, लेकिन अंतिम सरकारी घोषणा की पुष्टि के बाद ही इसे लागू रेट मानें।
Q2. क्या गन्ने के SAP में ₹15 की बढ़ोतरी हुई है?
₹15 की बढ़ोतरी की खबर सामने आई है, लेकिन आधिकारिक सरकारी आदेश देखना जरूरी है।
Q3. गन्ने का SAP क्या होता है?
SAP का पूरा नाम State Advised Price है। इसे राज्य सरकार गन्ना किसानों के लिए निर्धारित करती है।
Q4. गन्ने का पुराना रेट कितना था?
2025-26 सीजन में उत्तर प्रदेश में अगेती किस्म का ₹400, सामान्य किस्म का ₹390 और अनुपयुक्त किस्म का ₹355 प्रति क्विंटल था।
Q5. किसान गन्ने की पर्ची और भुगतान का स्टेटस कहां चेक करें?
किसान उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://enquiry.caneup.in/ पर पर्ची, कैलेंडर और भुगतान की जानकारी चेक कर सकते हैं।


